Additional information
| Writer | Kishan Harchandani |
|---|---|
| Illustration | Comics India Studio, WCD Studio |
| Letters and Graphic Design | Lakhan Sharma |
| Publisher | WaterCore Entertainment |
| Language | Hindi |
| No of Pages | 96 Pages |
| Binding | Hardcover |
Act of Hell Complete Collection (English) Paperback
Act of Hell Sampoorn Sanskaran (Hindi) Paperback
₹399.00
Original price was: ₹499.00.₹449.00Current price is: ₹449.00.
-10%एक रहस्मयी आदमी नारक्रो अंडरवर्ल्ड के कुख्यात दरिंदे अकरम खान बख्तोनी का अपहरण कर बंधक बना लेता है। एक शिकारी है और दूसरा शिकार। यह कहानी उनके बीच के संवाद द्वारा उनके चरित्र एवं रहस्यों को उजागर करती है। शुरुआती संवादों से यह एक बदले की भावना से प्रेरित कृत्य प्रतीत होता है, लेकिन जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है, एक विचित्र एवं अकल्पनीय उद्देश्य का पता चलता है जो आपको आश्चर्यचकित कर देगा।
नारक्रो रहने आया है सामाजिक जंगल में, जहाँ मिल जुल कर रहना एक आम बात है. नारक्रो को अकेले रहना पसंद है और उसका अपना जीवन जीने का तरीका है, लेकिन एक भयावह हादसा नारक्रो की ज़िन्दगी में उथल पुथल मचा देता है. जैसे जैसे परत दर परत खुलती है, सामने आता है शैतानियत का नया चेहरा इदरिस अली रज़्ज़ाक जो एक कुख्यात माफिया डॉन है, जिसने डर की ताक़त से शहर में अपना एकछत्र राज कायम किया है. लेकिन शायद रज़्ज़ाक को यह पता नहीं, जाने अनजाने वह एक ऐसे अनंतकाल के निर्मम हत्यारे की नज़र में आ गया है जिसके जीवन में सिवाय रक्तपात के और कुछ नहीं।
नारक्रो, छद्म वेश में एक पत्रकार बनकर उतरा है देवभूमि मुक्तेश्वर में अपने अगले नरकादेश की पूर्ति हेतु। इस बार उसका लक्ष्य है जरासंध जागीरदार, एक क्रूर, निर्दयी नरपिशाच जो बेजुबान वन्य जीवों की हत्या कर उनके मांस और अंगों की तस्करी करता है। किन्तु नियति की लेखनी कुछ और ही रच रही थी…जब नारक्रो ने मुक्तेश्वर के लोगों की धड़कनों को सुना, तो उसमें व्याप्त मिला एक भय, एक नरभक्षी बाघ का भय, जो न धर्म जानता है, न भूख, बस रक्त की प्यास जानता है। एक हृदय विदारक घटना, एक झकझोर देने वाली चीख और फिर नारक्रो ने लिया संकल्प, एक नया आखेट। किन्तु देवताओं की यह भूमि उस बाघ से कहीं अधिक भयावह रहस्यों को छुपाए हुए है। अब नारक्रो जिस पथ पर अग्रसर है, वह केवल एक शिकार नहीं, बल्कि उस सत्य की ओर है जिसने इंसान और जानवर के बीच का भेद मिटा दिया है।
| Writer | Kishan Harchandani |
|---|---|
| Illustration | Comics India Studio, WCD Studio |
| Letters and Graphic Design | Lakhan Sharma |
| Publisher | WaterCore Entertainment |
| Language | Hindi |
| No of Pages | 96 Pages |
| Binding | Hardcover |
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